लोन प्रीपेमेंट कैलकुलेटर

जानें कि एक बार या हर साल प्रीपेमेंट करने से कितना ब्याज बचेगा और लोन कितना जल्दी ख़त्म होगा।

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साल
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नतीजा

ब्याज की बचत
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लोन कितने समय में ख़त्म
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अवधि कितनी घटी
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प्रीपेमेंट के बिना ब्याज
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प्रीपेमेंट के साथ ब्याज
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मासिक EMI (वही रहेगी)
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  • प्रीपेमेंट के साथ ब्याज—
  • ब्याज की बचत—

प्रीपेमेंट के साथ बकाया लोन

प्रीपेमेंट यानी नियमित EMI के अलावा लोन में चुकाई गई कोई भी अतिरिक्त रकम। यह सीधे मूलधन घटाती है, इसलिए प्रीपे किए हर रुपये पर बाकी लोन भर ब्याज लगना बंद हो जाता है। लंबे होम लोन पर छोटे-छोटे सालाना प्रीपेमेंट भी लाखों रुपये बचा सकते हैं और लोन कई साल पहले ख़त्म कर सकते हैं।

लोन प्रीपेमेंट कैलकुलेटर कैसे इस्तेमाल करें

  1. अपना बकाया लोन, ब्याज दर और बची हुई अवधि डालें।
  2. प्रीपेमेंट राशि डालें।
  3. चुनें कि प्रीपेमेंट हर साल करेंगे या सिर्फ़ एक बार।
  4. चुनें कि पहला प्रीपेमेंट किस साल करेंगे।

कैलकुलेटर आपकी EMI वही रखता है और अवधि घटाता है, क्योंकि इसी से सबसे ज़्यादा ब्याज बचता है। यह ब्याज की बचत, लोन ख़त्म होने का नया समय और हर प्रीपेमेंट के साथ साल-दर-साल शेड्यूल दिखाता है।

उदाहरण

आपका होम लोन ₹30,00,000 का है, 8.5% पर, 20 साल के लिए। आपकी EMI ₹26,035 है।

  • प्रीपेमेंट के बिना आप ₹32,48,327 ब्याज चुकाते हैं।
  • अगर आप हर साल के अंत में ₹1,00,000 प्रीपे करें, तो ब्याज सिर्फ़ ₹17,63,834 लगता है।
  • ब्याज की बचत: ₹14,84,494
  • लोन 20 साल की जगह 11 साल 9 महीने में ख़त्म, यानी 8 साल 3 महीने पहले।

दूसरे साल के अंत में सिर्फ़ एक बार ₹5,00,000 प्रीपे करने से भी ₹12,90,458 बचते हैं और लोन 5 साल 8 महीने पहले ख़त्म होता है।

रकम से कितना फ़र्क पड़ता है?

₹30 लाख का लोन, 8.5% पर 20 साल, पहले साल के अंत से हर साल प्रीपेमेंट:

सालाना प्रीपेमेंटब्याज की बचतअवधि कितनी घटी
₹25,000₹5,98,0233 साल 2 महीने
₹50,000₹9,90,9155 साल 4 महीने
₹1,00,000₹14,84,4948 साल 3 महीने
₹2,00,000₹19,92,71911 साल 5 महीने

अवधि घटाएँ या EMI?

प्रीपेमेंट के बाद ज़्यादातर बैंक दो विकल्प देते हैं: EMI वही रखकर अवधि घटाना, या अवधि वही रखकर EMI घटाना। अवधि घटाने से कहीं ज़्यादा ब्याज बचता है, इसीलिए यह कैलकुलेटर वही विकल्प इस्तेमाल करता है। कम EMI तभी चुनें जब हर महीने ज़्यादा पैसे की ज़रूरत हो।

प्रीपेमेंट से पहले ये जान लें

  • फ़्लोटिंग रेट लोन पर कोई पेनल्टी नहीं। RBI के नियमों के अनुसार, व्यक्तियों के नॉन-बिज़नेस फ़्लोटिंग रेट लोन पर बैंक प्रीपेमेंट चार्ज नहीं ले सकते। फ़िक्स्ड रेट लोन पर फ़ीस लग सकती है।
  • जल्दी प्रीपे करें। शुरुआती सालों में ब्याज सबसे ज़्यादा होता है, इसलिए जल्दी किए गए प्रीपेमेंट सबसे ज़्यादा बचाते हैं।
  • पहले इमरजेंसी फंड रखें। लोन में डाला पैसा जल्दी वापस निकालना मुश्किल है।
  • टैक्स छूट। अगर पुराने टैक्स सिस्टम में होम लोन के ब्याज पर छूट लेते हैं, तो प्रीपेमेंट से वह छूट घटेगी। फिर भी ब्याज की बचत आमतौर पर ज़्यादा होती है।
  • प्रीपे करें या निवेश? अगर आपका निवेश टैक्स के बाद भरोसे से लोन की दर से ज़्यादा कमा सकता है, तो निवेश से ज़्यादा दौलत बन सकती है। प्रीपेमेंट लोन की दर जितना पक्का "रिटर्न" देता है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)

क्या होम लोन प्रीपे करना अच्छा है?

आमतौर पर हाँ, ख़ासकर शुरुआती सालों में और जब ब्याज दर ऊँची हो। इससे ब्याज बचता है और आप जल्दी कर्ज़-मुक्त होते हैं। पहले इमरजेंसी फंड और दूसरे लक्ष्य ठीक रखें।

प्रीपेमेंट के बाद EMI घटाएँ या अवधि?

अवधि घटाने से ज़्यादा ब्याज बचता है। EMI घटाने से हर महीने ज़्यादा पैसा हाथ में रहता है। अपनी ज़रूरत के हिसाब से चुनें।

क्या लोन प्रीपे करने पर चार्ज लगता है?

व्यक्तियों के नॉन-बिज़नेस फ़्लोटिंग रेट लोन पर नहीं। फ़िक्स्ड रेट या बिज़नेस लोन के लिए अपना लोन एग्रीमेंट देखें।

यह EMI कैलकुलेटर से कैसे अलग है?

EMI कैलकुलेटर नए लोन की EMI और ब्याज बताता है। यह कैलकुलेटर दिखाता है कि अतिरिक्त भुगतान से चल रहा लोन कैसे बदलता है।