पोस्ट ऑफ़िस MIS कैलकुलेटर

अपनी जमा पर पोस्ट ऑफ़िस मासिक आय योजना से मिलने वाली तय मासिक आमदनी जानें।

₹
%

नतीजा

हर महीने आमदनी
—
सालाना आमदनी
—
5 साल में कुल ब्याज
—
5 साल बाद वापस मिलने वाली जमा
—
जमा की सीमा
—

पोस्ट ऑफ़िस मासिक आय योजना (POMIS) एकमुश्त रकम को 5 साल तक हर महीने की तय आमदनी में बदल देती है। इसके पीछे भारत सरकार की गारंटी है, इसलिए आमदनी पक्की है, और इसे सिर्फ़ वरिष्ठ नागरिक नहीं, कोई भी खोल सकता है।

POMIS के मुख्य नियम

  • जमा: कम से कम ₹1,000। सिंगल खाते में अधिकतम ₹9 लाख और जॉइंट खाते (तीन वयस्क तक) में ₹15 लाख।
  • ब्याज: जुलाई–सितंबर 2026 के लिए 7.4% सालाना, हर महीने मिलता है। दर पूरे 5 साल तय रहती है।
  • अवधि: 5 साल, जिसके बाद जमा वापस मिलती है।
  • जल्दी बंद करना: पहले साल में नहीं। एक से तीन साल के बीच बंद करने पर 2% कटौती, और तीन साल के बाद 1%।
  • टैक्स: जमा पर कोई छूट नहीं, और ब्याज टैक्सेबल है।

POMIS कैलकुलेटर कैसे इस्तेमाल करें

  1. सिंगल या जॉइंट खाता चुनें।
  2. जमा राशि डालें। खाते की सीमा से ज़्यादा रकम नहीं गिनी जाती।
  3. ब्याज दर जाँचें।

POMIS का फ़ॉर्मूला

मासिक आमदनी = जमा × दर ÷ 100 ÷ 12

उदाहरण

आप 7.4% पर सिंगल POMIS खाते में ₹9,00,000 जमा करते हैं।

  • मासिक आमदनी = ₹5,550
  • सालाना आमदनी = ₹66,600
  • 5 साल में कुल ब्याज = ₹3,33,000
  • 5 साल बाद ₹9,00,000 की जमा वापस मिलती है।

अलग-अलग जमा पर आमदनी

जमामासिक आमदनी
₹5,00,000₹3,083
₹9,00,000 (सिंगल सीमा)₹5,550
₹15,00,000 (जॉइंट सीमा)₹9,250

टिप्स

  • मासिक ब्याज को काम पर लगाएँ। अगर आमदनी की ज़रूरत नहीं, तो इससे RD शुरू करें। RD कैलकुलेटर देखें।
  • रिटायर हैं? 60 साल और उससे ज़्यादा उम्र वालों के लिए ज़्यादा दर वाला विकल्प SCSS कैलकुलेटर में देखें।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)

POMIS की मौजूदा ब्याज दर क्या है?

जुलाई–सितंबर 2026 तिमाही के लिए 7.4% सालाना, हर महीने मिलने वाली। निवेश के बाद दर 5 साल तय रहती है।

पोस्ट ऑफ़िस MIS में अधिकतम कितना जमा कर सकते हैं?

सिंगल खाते में ₹9 लाख और जॉइंट खाते में ₹15 लाख।

क्या POMIS का ब्याज टैक्सेबल है?

हाँ। हर महीने का ब्याज आपकी आमदनी में जुड़कर स्लैब रेट पर टैक्स होता है।

क्या 5 साल से पहले पैसा निकाल सकते हैं?

सिर्फ़ एक साल के बाद, तीन साल तक 2% कटौती के साथ और उसके बाद 1% कटौती के साथ।