अच्छी योजना एक नंबर से शुरू होती है। ये कैलकुलेटर किसी लक्ष्य, जैसे घर, बच्चे की पढ़ाई या रिटायरमेंट, से पीछे की तरफ़ हिसाब लगाकर बताते हैं कि हर महीने कितना बचाना है। ये महँगाई का असर भी दिखाते हैं, ताकि आप भविष्य की असली क़ीमतों के हिसाब से योजना बनाएँ।
कौन-सा कैलकुलेटर इस्तेमाल करें?
- कोई भी भविष्य का लक्ष्य: लक्ष्य SIP कैलकुलेटर बताता है कि किसी रकम तक पहुँचने के लिए हर महीने कितनी SIP चाहिए।
- रिटायरमेंट: रिटायरमेंट कैलकुलेटर ज़रूरी कॉर्पस और उसके लिए SIP का अनुमान लगाता है। नौकरीपेशा लोग रिटायरमेंट पर अपना EPF और NPS बैलेंस भी देख सकते हैं।
- सुरक्षा कवच: इमरजेंसी फंड कैलकुलेटर बताता है कि कितना कैश अलग रखें।
- आज आप कहाँ हैं: नेट वर्थ कैलकुलेटर आपकी संपत्ति और देनदारी जोड़ता है।
- भविष्य की क़ीमतें: महँगाई कैलकुलेटर दिखाता है कि आज का ख़र्च आगे कितना हो जाएगा।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
रिटायर होने के लिए कितना पैसा चाहिए?
यह आपके ख़र्च, महँगाई और रिटायरमेंट कितना लंबा चलेगा, इस पर निर्भर है। शुरुआत के लिए एक आम अंदाज़ा है कि रिटायरमेंट के समय के सालाना ख़र्च का 25 से 30 गुना। रिटायरमेंट कैलकुलेटर आपके अपने नंबरों से यह हिसाब लगाता है।
इमरजेंसी फंड कितना बड़ा होना चाहिए?
ज़्यादातर प्लानर कम से कम 6 महीने के ज़रूरी ख़र्च की सलाह देते हैं, और आमदनी अनियमित हो या बड़ा परिवार हो तो इससे ज़्यादा।
महँगाई इतनी मायने क्यों रखती है?
6% महँगाई पर क़ीमतें लगभग 12 साल में दोगुनी हो जाती हैं। जो लक्ष्य आज ₹10 लाख का है, उसके लिए 12 साल बाद लगभग ₹20 लाख चाहिए होंगे, इसलिए महँगाई के बिना बनी योजनाएँ कम पड़ जाती हैं।