पब्लिक प्रोविडेंट फंड (PPF) 15 साल के लॉक-इन वाली सरकारी बचत योजना है। इसकी ब्याज दर भारत सरकार हर तिमाही तय करती है, पैसा पूरी तरह सुरक्षित रहता है और ब्याज टैक्स-फ़्री होता है। इसीलिए रिटायरमेंट और बच्चों की पढ़ाई जैसे लंबे लक्ष्यों के लिए PPF बहुत पसंद किया जाता है।
PPF के मुख्य नियम
- जमा: हर वित्त वर्ष में कम से कम ₹500 और ज़्यादा से ज़्यादा ₹1,50,000।
- अवधि: 15 वित्त वर्ष, जिसे 5-5 साल के ब्लॉक में बढ़ाया जा सकता है, नई जमा के साथ या बिना।
- ब्याज: सालाना कंपाउंड होता है और हर वित्त वर्ष के अंत में खाते में जुड़ता है।
- टैक्स: जमा पर पुराने टैक्स सिस्टम में छूट (सेक्शन 80C) मिलती है, और ब्याज व मैच्योरिटी राशि टैक्स-फ़्री है।
- निकासी: 7वें वित्त वर्ष से आंशिक निकासी हो सकती है, और तीसरे से छठे साल के बीच लोन मिल सकता है।
PPF कैलकुलेटर कैसे इस्तेमाल करें
- सालाना निवेश डालें (₹1,50,000 तक)।
- ब्याज दर जाँचें। डिफ़ॉल्ट 7.1% है, लेकिन सरकार हर तिमाही इसकी समीक्षा करती है।
- अवधि चुनें: 15 साल, या बढ़ाने का प्लान हो तो ज़्यादा।
साल-दर-साल हिसाब में हर साल की जमा, ब्याज और बैलेंस दिखता है।
PPF का फ़ॉर्मूला
F = P × [((1 + i)^n − 1) ÷ i] × (1 + i)
- F = मैच्योरिटी वैल्यू
- P = सालाना जमा
- i = सालाना ब्याज दर ÷ 100
- n = साल
यह फ़ॉर्मूला मानता है कि आप हर वित्त वर्ष की शुरुआत में जमा करते हैं, जिससे सबसे ज़्यादा ब्याज मिलता है।
उदाहरण
आप हर साल ₹1,50,000 15 साल तक 7.1% पर जमा करते हैं।
- कुल निवेश = ₹22,50,000
- कुल ब्याज = ₹18,18,209
- मैच्योरिटी वैल्यू = ₹40,68,209, पूरी तरह टैक्स-फ़्री
अगर आप खाता बढ़ाकर 20 साल तक जमा करते रहें, तो बैलेंस लगभग ₹66,58,288 हो जाता है। 25 साल में यह ₹1 करोड़ पार कर जाता है।
अलग-अलग सालाना जमा पर मैच्योरिटी
15 साल, 7.1% पर:
| सालाना जमा | कुल निवेश | मैच्योरिटी वैल्यू |
|---|---|---|
| ₹50,000 | ₹7,50,000 | ₹13,56,070 |
| ₹1,00,000 | ₹15,00,000 | ₹27,12,139 |
| ₹1,50,000 | ₹22,50,000 | ₹40,68,209 |
टिप: 5 तारीख से पहले जमा करें
PPF में हर महीने का ब्याज उस महीने की 5 तारीख से महीने के आख़िरी दिन के बीच के सबसे कम बैलेंस पर लगता है। इसलिए महीने की 5 तारीख से पहले जमा करें, और पूरे साल का पैसा हो तो 5 अप्रैल से पहले, ताकि सबसे ज़्यादा ब्याज मिले।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
PPF की मौजूदा ब्याज दर क्या है?
सरकार हर तिमाही PPF दर की समीक्षा करती है। कैलकुलेटर में डिफ़ॉल्ट 7.1% है। नई दर India Post या National Savings Institute की वेबसाइट पर देखें और कैलकुलेटर में डालें।
क्या PPF में ₹1.5 लाख से ज़्यादा जमा कर सकते हैं?
नहीं। आपके सभी PPF खातों को मिलाकर एक वित्त वर्ष में सीमा ₹1,50,000 है। इससे ज़्यादा रकम पर न ब्याज मिलता है, न टैक्स छूट।
15 साल बाद क्या होता है?
आप खाता बंद करके पूरी रकम निकाल सकते हैं, या इसे 5-5 साल के लिए बढ़ा सकते हैं। बढ़ी हुई अवधि में जमा जारी रख सकते हैं या बैलेंस को बस ब्याज कमाने दे सकते हैं।
क्या PPF, FD से बेहतर है?
PPF का ब्याज टैक्स-फ़्री है और पैसा सरकार के भरोसे पर है, इसलिए ऊँचे टैक्स स्लैब वालों के लिए टैक्स के बाद इसका रिटर्न आमतौर पर FD से बेहतर रहता है। बदले में लंबा लॉक-इन है। FD कैलकुलेटर से तुलना करें।